छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: एसईसीएल कोरबा के द्वारा हर वर्ष मेंटेंनेंस के नाम पर करोड़ों रुपया का फंड जारी किया जाता है,लेकिन ठेकेदारों व अधिकारियों द्वारा मिलीभगत से कमीशनखोरी के चक्कर में गुणवत्ताहीन कार्य कराया जाता है ताकि ठेकेदारों से मोटी रकम मिल सके।

वही सूत्रों की माने तो इस क्षेत्र में कई तथाकथित दलाल है जो मीडियाकर्मियों को मैनेज करने के नाम से लाखों रुपया आधिकारी व ठेकेदार से समय-समय पर लेते रहते है। अगर कोई मीडिया वाले यहां खबर बनाने पहुंच जाता है तो उसे खबर नहीं चलाने के नाम पर ऑफर तक दे डालते है,नही तो फिर अपने आका का नाम लेकर अपने नेता के ऊंची पहुंच का हवाला देते है। ताकि डराया जा सके।

वहीं एसईसीएल क्षेत्र में कुछ घटनाएं होने पर एसईसीएल के अधिकारी मामले की लीपापोती में जुट जाते हैं। मीडिया कर्मियों द्वारा पूछताछ करने पर आधिकारी ना तो उनसे बात करते है और ना ही कुछ जानकारी देते है। ताजा मामला एसईसीएल मुड़ापार हॉस्पिटल से संबंधित है, वहीं 6 मई को सुबह लगभग 7 बजे हॉस्पिटल की दीवार भरभरा कर गिर गई। वही घटना की सूचना मिलने पर मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे और घटना का वीडियो व फोटो बनाने के बाद सम्वन्धित आधिकारी से उनका पक्ष जानने के लिए पहुंचे तो अधिकारी ने बात करने से मना कर दिया।

इसी दरम्यान तथाकथित एक दलाल ने अपनी पहुंच का हवाला देते हुए खबर नहीं लगाने को कहा। इसके एवज में अगर कुछ जरूरत है तो बताओं मैं मैनेज करवा दूंगा। वही लोगों ने बताया कि हॉस्पिटल की दीवार गिरने से स्विफ्ट डिजायर कार का काफी नुकसान हुआ है।

इस तरह की घटनाओं से एसईसीएल के भ्रष्ट अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजमी है। ऐसा प्रतीत होता है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में एसईसीएल के आला अधिकारी भी खौफ खाते हैं ।