छुईहा निवासी भुनेश्वर तारक की बेटी हुलसी पढ़ाई के साथ साथ कृषि कार्य में बंटाती है हाथ,
माता-पिता का गर्व से किया सीना ऊंचा,         

छत्तीसगढ़
गरियाबंद/स्वराज टुडे: देश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे तो आई है किन्तु समय के अनुसार पढ़ाई टैक्नोलॉजी ज्ञान विज्ञान नौकरी खेलकूद मंनोरंजन आदि के क्षेत्रों में पुरुषों के साथ कदमताल कर आगे बढ़ रही है जिससे सभी अवगत हो रहें हैं। किन्तु उल्लेखनीय है कि कृषि कार्य में हल चलाने बैल हांकने जैसे मुश्किल काम बिरले बेटियां या महिलाएं करती नजर आती है ।

स्थानीय ग्राम छुईहा निवासी लघु सीमांत कृषक भुनेश्वर तारक की बेटी हुलसी कक्षा दसवीं की छात्रा है । वो समय निकालकर अपने मां- बाप ,दादा -दादी के कार्यों में सहयोग करती हुई विशेष कर कृषि कार्य के पारंपरिक यंत्र हल नागर को थामती हुई खुश होकर बैल हांकती है।  उसकी ऐसा योगदान क्षेत्र और जिले में एक अनूठा मिशाल साबित हुआ है।

कु. हुलसी तारक का कहना है कि मैं पढ़ाई के दौरान घर के काम काजो में हाथ बंटाती हूँ।  आधुनिक टैक्नोलॉजी कम्प्यूटर में गहरी दिलचस्पी होने के साथ-साथ देश और छत्तीसगढ़ की मुख्य आधार कृषि जगत के काम में बेहद शौक रखतीं हूं जो कि मानव जीवन का मुख्य साधन है। इसके बिना जीवन की कल्पना करना निर्रथक होगा जिसे आज की युवा पीढ़ी नहीं समझती। वे नौकरी व अन्य व्यवसाय के चक्कर में अपने मूल व्यवसाय कृषि से दूर होते जा रहे हैं।

*रामकृष्ण ध्रुव की रिपोर्ट*