छत्तीसगढ़
कोरबा/स्वराज टुडे: जंगल में किसी भी काम से जाने वाले लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है. मौके पर थोड़ी सी भी लापरवाही उनकी परेशानी बढ़ा सकती है. दरअसल, करतला वन परिक्षेत्र के चारमार इलाके में मादा भालू के हमले में एक ग्रामीण बुरी तरह जख्मी हो गया. करतला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उसे उपचार दिया गया है.

रामपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार मार गांव का रहने वाला फुलेश्वर राठिया मवेशियों को लेकर जंगल गया हुआ था. मवेशी अपनी भूख मिटाने में व्यस्त थे. ऐसे में ग्रामीण ने समय का सदुपयोग किया और खुद पास के पेड़ से दातून तोड़ने में लग गया.

इसी दौरान अपने शावक के साथ पहुंची मादा भालू ने उस पर हमला कर दिया. पीड़ित के परिजन ने बताया कि आसपास के लोगों से इस मामले की जानकारी हुई, तब यहां वहां फोन करने के बाद एंबुलेंस से पीड़ित को करतला अस्पताल लाया गया.

पीड़ित पक्ष के द्वारा इस बारे में वन विभाग को भी जानकारी दी गई, जिस पर विभाग ने संज्ञान लिया. डिप्टी रेंजर गजाधर राठिया ने बताया कि दातून तोड़ने के चक्कर में घटना हुई है. पीड़ित को उपचार के लिए प्रारंभिक सहायता राशि दी गई है.

कोरबा जिले में पर्याप्त जंगल मौजूद हैं और उतनी ही संख्या में जंगली जानवर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. वन विभाग के जानकारों का कहना है कि जंगली जानवरों को अपने इलाके में दूसरों की दखल बिल्कुल पसंद नहीं है, इसलिए बार-बार हिंसक घटनाएं हो रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि समय के साथ लोग इस सच्चाई को समझेंगे और जंगल के भीतर जाने से बचेंगे.

पुष्पेंद्र श्रीवास की रिपोर्ट