छत्तीसगढ़
सक्ती/स्वराज टुडे: जनपद अध्यक्ष राजेश राठौर के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर आज पीठासीन अधिकारी के समक्ष मतदान किया गया। जनपद में दो तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं होने पर अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया।

जनपद पंचायत सक्ती के अध्यक्ष राजेश राठौर के विरुद्ध जनपद के सदस्यों के द्वारा कलेक्टर सक्ती के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आवेदन पर विचार करते हुए कलेक्टर सक्ती ने दिनांक 23/11/22 को जनपद सदस्यों के बीच अविश्वास मत के पक्ष अथवा विपक्ष पर मतदान कराने की व्यवस्था दी। निर्धारित तिथि पर जनपद के 23 सदस्यों में से 20 सदस्य उपस्थित हुए 3 सदस्य अनुपस्थित रहे।

उपस्थित सदस्यों के बीच जनपद अध्यक्ष राजेश राठौर ने अपने सदस्यों के बीच अपनी बात रखते हुए कहा कि कुछ जनपद के अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही के कारण शासन की बहुत सारी महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर नहीं किया जा सका जिससे सभी सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे सदस्यों के बीच नाराजगी उत्पन्न हुई।
जनपद अध्यक्ष राजेश राठौर ने उपस्थित सदस्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि आप मुझको कार्य करने का एक अवसर प्रदान कीजिए जिससे आगामी बचे हुए कार्यकाल में जनहित से जुड़े सभी मुद्दों के साथ ही शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम तथा योजनाओं को सुचारू और व्यवस्थित रूप से सभी के सहयोग से क्रियान्वित कर जनता की सेवा की जा सके।

उपस्थित 20 सदस्यों ने मतदान किया जिसमें 10 मत अविश्वास के पक्ष में पड़े 09 मत अविश्वास के विपक्ष में पड़े तथा निशान की त्रुटि के कारण 1 मत निरस्त किया गया। चूंकि कुल 23 सदस्य जनपद में हैं जिनका दो तिहाई मत अविश्वास मत पारित करने के लिए आवश्यक है अतः जरूरी बहुमत नहीं प्राप्त होने की स्थिति में जनपद अध्यक्ष राजेश राठौर के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया।

जनपद अध्यक्ष राजेश राठौर ने विश्वास जताते हुए सहयोग करने वाले सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद कार्यालय सक्ती में व्यवस्था में सुधार करते हुए कार्यालय में होने वाली अव्यवस्था को दूर किया जाएगा तथा जनपद के सभी सदस्यों के सम्मान का ध्यान रखा जाएगा एवं उनके द्वारा प्रस्तावित कार्यों को समय सीमा पर कराने की समुचित व्यवस्था की जाएगी।