पूर्वी यूक्रेन के एक स्कूल में रविवार को भीषण बम विस्फोट हुआ। रूस के इस हमले में करीब 60 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी ने गवर्नर के हवाले से यह जानकारी दी है।

स्कूल भवन में मौजूद थे लगभग 90 शरणार्थी

दरअसल, पूर्वी यूक्रेन के लुहान्स्क क्षेत्र के एक स्कूल में रूसी सेना ने बमबारी की है। इसमें 60 लोगों के मारे जाने की आशंका है। गवर्नर सेरही गदाई ने बताया कि रूसी सेना ने शनिवार दोपहर बिलोहोरीवका में स्कूल पर एक बम गिराया, जिससे इमारत में आग लग गई। यहां लगभग 90 लोग शरण लिए हुए थे।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की पत्नी जिल बाइडन बिना घोषणा किए अचानक यूक्रेन पहुंचीं। स्लोवाकिया सीमा के निकट एक गांव के स्कूल में उन्होंने यूक्रेन की राष्ट्रपति की पत्नी से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स में इसका दावा किया गया है। वहीं, यूक्रेन की मीडिया के मुताबिक स्थानीय मेयर ने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भी बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के यूक्रेन के दौरे पर आए हैं।

वहीं, रूस की सेना ने शनिवार को दक्षिणी यूक्रेन के ओडेसा शहर में क्रूज मिसाइलें दागी और मारियुपोल में घेरे गए इस्पात संयंत्र पर बमबारी की। विजय दिवस समारोह से पहले रूस इस बंदरगाह पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि संयंत्र से आखिर में बची महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को निकाल लिया गया है, लेकिन यूक्रेन के लड़ाके वहीं फंसे हुए हैं।

इस बीच यूक्रेन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि 77 साल पहले नाजी जर्मनी की हार का जश्न मनाने के लिए सोमवार को आयोजित विजय दिवस के मद्देनजर रूसी हमले और भी बदतर होंगे। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन के खिलाफ अपने बिना उकसावे के और क्रूर युद्ध को न्यायोचित ठहराने की कोशिश के लिए इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

जी-7 देशों की ओर से व्हाइट हाउस ने जारी किया बयान

* जी-7 देशों ने रूसी तेल का आयात बंद करने का संकल्प लिया। रूस पर लगाए गए नए प्रतिबंध रूसी मीडिया और सलाहकार सेवाओं पर निशाना साधते हैं।
* व्हाइट हाउस के मुताबिक, जी-7 ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को आश्वस्त किया कि यूक्रेन को अपने स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करने के लिए और प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए हमारी निरंतर तत्परता है, ताकि यूक्रेन अपना बचाव कर सके और भविष्य के आक्रमण को रोक सके।
* बयान में कहा गया कि हम यूक्रेन के सशस्त्र बलों के लिए हमारी चल रही सैन्य और रक्षा सहायता को आगे बढ़ाएंगे। हम साइबर घटनाओं के खिलाफ अपने नेटवर्क की रक्षा में यूक्रेन का समर्थन करना जारी रखेंगे और हमारे सहयोग का विस्तार करेंगे।
* जी-7 देश सूचना सुरक्षा पर यूक्रेन को अपनी आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में समर्थन करना जारी रखेंगे।
* व्हाइट हाउस द्वारा जारी G7 नेताओं के बयान में कहा गया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके शासन का यूक्रेन पर आक्रमण ठीक नहीं है। उन्होंने एक संप्रभु देश को आक्रामकता के एक अकारण युद्ध में झोंक दिया। इसने रूस और उसके लोगों के ऐतिहासिक बलिदानों को शर्मसार किया।
* जी 7 नेताओं ने बयान में कहा कि हम रूसी ऊर्जा पर अपनी निर्भरता को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें रूसी तेल के आयात को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना या उस पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।
* हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम ऐसा समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से करें और इस तरह से करें जिससे दुनिया को वैकल्पिक आपूर्ति प्राप्त करने के लिए समय मिले।