छत्तीसगढ़
कोरबा-पोड़ी उपरोड़ा/स्वराज टुडे: जिला कोरबा के विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के शिक्षा विभाग से चौकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां कोरोना काल मे शासकीय कर्मचारी के मृत्यु पश्चात मिलने वाली ग्रेजुएटी राशि में हेराफेरी की गई है, ऐसा हम नही कह रहे ये आरोप मृतक की पत्नि की ओर से लगाये जा रहे हैं।दरअसल मृतक की पत्नि ने अर्जित अवकाश व ग्रेजुएटी की शेष राशि प्राप्त करने बीइओ कार्यालय में विकासखंड शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की,जहां उसे राशि आबंटित हो गई है का हवाला दिया गया,अब मृतक की पत्नि यह सोच कर सकते में है कि मुझे तो राशि मिली ही नही,तो विभाग के अधिकारी राशि आबंटित हो गई कैसे बोल रहे हैं?

प्राप्त जानकारी अनुसार विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम लैंगा के मा.शा. रामपुर में पंकज खलखो नियमित चपरासी के पद पर पदस्थ था।दिनांक 03/05/2021 को भीषण महामारी कोरोना काल मे पंकज खलखो की मृत्यु हो गई थी।पंकज खलखो की मृत्यु पश्चात इनकी पत्नि प्रमिला खलखो को शासन द्वारा अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त हुई।प्रमिला खलखो को सेवा के दौरान जानकारी हुई कि कोरोना काल मे मृत कर्मचारियों को शासन से अर्जित अवकाश व ग्रेजुएटी राशि प्राप्त होती है।वहीँ प्रमिला खलखो के पति की मृत्यु बाद ग्रेजुएटी की कुछ राशि इनके खाते में आई थी और कुछ राशि शेष थी जो लंबे समय बाद भी खाते में नही आई,लिहाजा प्रमिला खलखो द्वारा पोड़ी उपरोड़ा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर ग्रेजुएटी की शेष राशि का जल्द भुगतान करने की मांग की,जहां प्रमिला को जानकारी मिली कि कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 के कर्मचारी द्वारा ग्रेजुएटी की शेष राशि बतौर नगद दे दीं गई है, इतना सुनते ही प्रमिला के पैरों तले जमीन खिसक गई।अब प्रमिला यह सोच कर सिर पीट रही है कि न तो मुझे राशि नगद मिली है और न ही राशि खाते में आईं, तो विकासखंड शिक्षा अधिकारी राशि दे दीं गई है क्यो बोल रहे?

विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा का शिक्षा विभाग इस दफा एक कर्मचारी की कोरोना काल मे मृत्यु उपरांत मिलने वाली अर्जित अवकाश व ग्रेजुएटी राशि को लेकर सुर्खियों में नजर आ रहा है।आखिर मृतक की ग्रेजुएटी राशि उसकी पत्नि के खाते में नही आई तो कहा गई?जबकि विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी राशि आबंटित होने का हवाला दे रहे हैं।कहि इस विभाग के कार्यालय में पदस्थ किसी कर्मचारी की करतूत तो नही जो राशि गबन कर मृतक की पत्नी को राशि दे दीं गई है का झूठा हवाला देकर विभाग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही हैं।खैर वजह चाहे जो भी प्रमिला शांत बैठने वालों में नही वह अपने हक के लिए आगे लड़ाई जारी रखेगी।

*अरविंद शर्मा की रिपोर्ट*