पत्रकारों को समर्थन देने राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम,पूर्व सांसद सरगुजा,भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रदेश अध्यक्ष, अम्बिकापुर भाजपा जिला युवामोर्चा अध्यक्ष धरना स्थल पर पहुँचे 

अंबिकापुर में पूरे प्रदेश के पत्रकार जेल भरो आंदोलन में हुए शामिल,पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू कराने तथा फर्जी FIR में जेल में बंद पत्रकारों को निशर्त रिहा करने एसपी ऑफिस में सौपा ज्ञापन

अंबिकापुर/स्वराज टुडे: अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के द्वारा सरगुजा जिले के अंबिकापुर गांधी चौक पर आयोजित जेल भरो आंदोलन में पूरे प्रदेश के पत्रकार इकट्ठा हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से अपनी जायज मांगों को रखा जो इस प्रकार है:-

(१)पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो
(२)छत्तीसगढ़ में फर्जी f.i.r. पत्रकारों पर बंद हो
(३)पत्रकार पर फर्जी एफ आई आर साजिश के तहत जेल में बंद है उन्हे निशर्त रिहा किया जाए
(४)पत्रकारों का शोषण बंद हो।

आंदोलन को मिला प्रदेश भर के पत्रकारों का समर्थन

इन्ही मांगों को लेकर इस आंदोलन का नाम जेल भरो आंदोलन रखा गया था और प्रदेश के सभी पत्रकारों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया । यहां प्रदर्शन में शामिल प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पत्रकार अपनी गिरफ्तारी देने एसपी कार्यालय पहुंचे लेकिन पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार करने से इंकार कर दिया । यहां पुलिस प्रशासन को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया गया जिसमें प्रदेश में पत्रकारों पर प्रताड़ना पर संज्ञान लेने एव पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने प्रदेश सरकार को आदेश देने की बात कही।

सत्ता मिलने के बाद अपना वादा भूले भूपेश बघेल- गोविंद शर्मा

अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा ने भूपेश सरकार को अपना वादा याद दिलाया कि सरकार बनने पर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करेंगे लेकिन सरकार को 4 वर्ष होने जा रहे लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर रही है। यदि भूपेश सरकार इस विधानसभा सत्र के पहले सुरक्षा कानून लाने की बात नही करती है तो आने वाले विधानसभा सत्र के पहले राजधानी में प्रदेश के पत्रकार सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।

पूर्व गृहमंत्री रामविचार नेताम समेत अनेक वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन को दिया समर्थन

पत्रकारों के धरना स्थल में भाजपा के दिग्गज नेता पूर्व गृहमंत्री व राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने खुलकर समर्थन किया। नेता आलोक दुबे, पूर्व सांसद कमलभान सिंह, अखिलेश सोनी, नेता समाजसेवी सीताराम भास्कर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य,जयनाथ केराम गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के संभागीय अध्यक्ष इन्होंने भी खुलकर पत्रकारों का समर्थन किया पत्रकारो की जायज मांगों पर सरकार को चेताया कि पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार छत्तीसगढ़ सरकार कर रही है वो सही नहीं है।

भाजपा के कद्दावर नेता रामविचार नेताम जी ने पत्रकारों का समर्थन करते हुए कहा कि राज्यसभा संसद में भी आवाज उठाएंगे और छत्तीसगढ़ के विधानसभा में भी भाजपा के नेता सरकार को घेरने का काम करेंगे। और प्रश्न करेंगे पत्रकार देश के लोकतंत्र के चौथे स्तंभ है पत्रकारों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए और पत्रकारों को सभी जायज मांगों को सरकार को माननी चाहिए जिन्होंने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि हम पत्रकार सुरक्षा लागू करेंगे , इसके विपरीत  पत्रकारों पर फर्जी एफ आई आर दर्द कर चौथे स्तम्भ को दबाने का प्रयास कर रही है । आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार ने पर प्रदेश के पत्रकारों पर हुई एफआईआर की जांच की जाएगी दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही भी की जायेगी ओर पत्रकार सुरक्षा कानून भी लागू करेगी।

संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश परिहार,राष्ट्रीय महासचिव महफूज खान ने भूपेश बघेल को याद दिलाया कि ये वही पत्रकार है जिनके बलबूते कांग्रेस ने अपनी सरकार छत्तीसगढ़ में बनाई है यदि इनकी पत्रकार सुरक्षा कानून की जायज मांग पूरी नही की जाती तो ये ही वो पत्रकार होंगे जिनके चलते आपको सत्ता भी गंवानी पड़ी सकती है , राष्ट्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के साथ है आने वाले विधानसभा सत्र के पहले राजधानी में होंने वाले धरना में देश के अन्य राज्यो के पत्रकार भी शामिल होंगे।

धरना को प्रदेश से आये वरिष्ठ पत्रकार कमलेश स्वर्णकार राजनांदगांव, दीपक साहू कोरबा,राजेश सोनी सूरजपुर, सुशील बखला अम्बिकापुर, प्रवीण निशी मनेंद्रगढ़, रमेश वशिष्ठ बैकुंठपुर, शैलेन्द्र सिंह बलरामपुर, रवि रजक,विनोद नामदेव,नाहिदा कुरैशी, रायपुर,सुधीर तम्बोली ,राजन सोनी सरगुजा,नरेश चौहान सारंगढ, ज्ञानेश तिवारी,गोविन्द तिवारी गरियाबंद,अन्य जिलों से आये पत्रकरो ने सम्बोधित किया और सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने कहा।

अम्बिकापुर के धरना एवं जेल भरो आंदोलन में प्रदेश के तीन सौ से अधिक पत्रकारो ने पहुँचकर कर समर्थन दिया। आगे होने वाले विधानसभा सत्र के पहले राजधानी में होने वाले आंदोलन में इससे अधिक संख्या के साथ राजधानी पहुच कर भूपेश सरकार के खिलाफ हल्ला बोलने की बात कही।

*पुष्पेंद्र श्रीवास की रिपोर्ट*