स्वराज हेल्थ टिप्स: खून में जब ग्लूकोज यानी शुगर की मात्रा बढ़ जाती है तो इससे डायबिटीज बीमारी हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर मधुमेह रोगियों के रक्त शर्करा का स्तर अनियंत्रित हो जाता है तो इससे ओरल हेल्थ से सम्बंधित समस्याएं होने लगती हैं। इससे मुंह में दर्द, इंफेक्शन और दूसरी परेशानियां हो सकती हैं।

आइए नजर डालते हैं इसके प्रमुख लक्षणों पर

ड्राय माउथ: डायबिटीज के आम लक्षणों में से एक ड्राय माउथ होता है।  इस स्थिति में लोगों के मुंह में सलाइवा की मात्रा में कम हो जाती है। ऐसे में मुंह में मॉइश्चर की कमी, दर्द, छाले, ओरल कैविटी और खाना चबाने व निगलने में दिक्कत हो सकती है। टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में शुरुआती परेशानी सूखा मुंह होना है। इस वजह से लोगों को बार-बार प्यास लगती है।

कैसे पाएं निजात: हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि मुंह की ड्रायनेस को कम करने में घरेलू उपाय काम आते हैं। उन फूड्स और ड्रिंक्स से परहेज करें जिसमें शुगर, कैफीन और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स मौजूद हों। इसके अलावा, भरपूर मात्रा में पानी पीयें, खाने के बाद कुल्ला करें और हो सके तो एल्कोहल फ्री माउथवॉश का इस्तेमाल करें।

मुंह का कसैला स्वाद: शरीर में शुगर लेवल के बढ़ने से मुंह में कसैलापन हो सकता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार टाइप 1 डायबिटीज से ग्रस्त रोगियों को ये परेशानी ज्यादा होती है।

जानें घरेलू उपाय: मुंह के स्वाद को बेहतर बनाने में कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है। रोजाना भरपूर मात्रा में पानी पीयें, खाने में जड़ी-बूटियों और मसालों का इस्तेमाल करें। इससे मुंह में मेटालिक टेस्ट को कम किया जा सकता है।

मुंह से बदबू आना: एक अध्ययन के मुताबिक मुंह से गंदी बदबू आने का एक कारण डायबिटीज टाइप 2 भी हो सकता है। रिसर्च के अनुसार मधुमेह रोगियों के शरीर में ग्लूकोज का स्तर सिर्फ ब्लड में ही नहीं बल्कि मुंह में भी बढ़ सकता है। ऐसे में मुंह में मौजूद बैक्टीरिया इस ग्लूकोज को अपना आहार बनाते हैं, जिससे कि दांत और मसूड़ों के बीच ही पनपने लगते हैं। यही कारण है कि इन मरीजों के मुंह में से बदबूपरP आने लगती है।

छुटकारा पानें के उपाय जानें: मुंह की बदबू से परेशान लोगों को खूब पानी पीना चाहिए, साथ ही कुछ-कुछ देर पर खाते-पीते रहना चाहिए। अक्सर आपने देखा होगा कि खाली पेट रहने से भी मुंह से बदबू आने लगती है।