महाराष्ट्र के ‘नाथ’ बने एकनाथ शिंदे, मुख्यमंत्री पद की शपथ

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मुंबई/स्वराज टुडे: महाराष्ट्र की राजनीति में एकाएक इतनी उथल पुथल होगी इसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। सोशल मीडिया में इसकी दो वजहें बताकर उसे जमकर शेयर किया जा रहा है । पहली ये कि शिवसेना सुप्रीमों बाला साहेब ठाकरे अपनी आखरी साँस तक हिंदुत्व से समझौता करके सत्ता हासिल करने के हमेशा खिलाफ रहे लेकिन उनके पुत्र उद्धव ठाकरे ने अपने पिता के उसूलों की तिलांजलि देकर महाराष्ट्र की सत्ता हासिल कर ली । ये बात  शिवसेना के कुछ नेताओं को ही रास नहीं आई । दूसरी वजह ये है कि उद्धव सरकार को हनुमान चालीसा का विरोध करना महंगा पड़ गया और 40 दिनों में उनके 40 विधायक उनसे दूर हो गए ।

अब महाराष्ट्र की सत्ता उद्धव ठाकरे के हाथ से निकलने के बाद एकनाथ शिंदे उस पर काबिज हो गए हैं। उन्होंने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। शिंदे ने मराठी में शपथ ली। बता दें कि देंवेंद्र फडणवीस ने ही ऐलान किया था कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे।

उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद सरकार में नहीं होंगे और बाहर से सरकार की मदद करेंगे। हालांकि बाद में जेपी नड्डा ने खुद मीडिया के सामने आकर कहा कि पार्टी चाहती है कि वह उपमुख्यमंत्री बनें।

डिप्टी सीएम बने देवेंद्र फडणवीस

पांच साल तक महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री रहने वाले देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। जब वह शपथ लेने चले तो विधायकों ने उनके समर्थन में नारेबाजी की। बता दें कि एकनाथ शिंदे ने 40 शिवसेना के विधायकों के साथ कुल 50 विधायक होने का दावा किया है। वहीं भाजपा के 106 विधायक हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में बागी विधायक नहीं हो सके शामिल

शपथ ग्रहण के मौके पर एकनाथ शिंदे का परिवार भी राजभवन पहुंचा। बता दें कि एकनाथ शिंंदे उद्धव सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। शपथ ग्रहण में शिवसेना के विधायक शामिल नहीं हो सके। दरअसल बागी विधायक इस समय गोवा के होटल में ही हैं। हालांकि शपथ के दौरान उन्होंने गोवा के होटल में ही जश्न मानाया। भाजपा के नेता शपथ ग्रहण में पहुंचे।

देवेंद्र फडणवीस के ‘त्याग’ की नड्डा ने की तारीफ

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे जी और देवेंद्र फडणवीस जी को बधाई। आज ये सिद्ध हो गया कि BJP के मन में कभी मुख्यमंत्री पद की लालसा नहीं थी। 2019 के चुनाव में स्पष्ट जनादेश मा. नरेंद्र मोदी जी एवं देवेंद्र जी को मिला था। उद्धव ठाकरे ने CM पद के लालच में हमारा साथ छोड़कर विपक्ष के साथ सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि देवेंद्र फडणवीस सरकार में रहें और उपमुख्यमंत्री का पदभार संभालें।

दीपक साहू

संपादक

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