छत्तीसगढ़
गरियाबंद/स्वराज टुडे: गोबरा नवापारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनेसिल्ली के 23 गरीब भूमिहीन परिवारों को 1970 में ग्राम पंचायत कुर्रा आश्रित ग्राम सोनेसिल्ली में शासन द्वारा जीवन यापन के लिए भूमि प्रदान की गई थी। जिस पर ये परिवार 51साल से कास्तकारी करते आ रहे थे। लेकिन सरपंच श्रीमती गोमेश्वरी साहू, सरपंच पति अजय साहू और उपसरपंच ताराचंद साहू अपने समूह के साथ जबरदस्ती जमीन से बेदखल कर दिया था। इसकी जानकारी शासन प्रशासन को दिया गया था लेकिन पीड़ितों के पक्ष में कोई सुनवाई नहीं होने से नाराज परिवार ने शनिवार सुबह 5बजे से पैदल मार्च कर राजधानी रायपुर में कलेक्टर और मंत्रियों के पास गुहार लगाने निकल पड़े।

अभनपुर एसडीएम निर्भय साहू को जैसे ही जानकारी हुई वे पदयात्रियों से मुलाकात करने के लिए पहुंच गए जो माना बस्ती वनोपज जांच नाका के पास पहुंच गए। पद यात्रियों के साथ चर्चा कर एस डी एम ने उक्त भूमि पर सरपंच के किसी भी प्रकार की हस्तक्षेप करने से स्थगन आदेश लिखित रूप से जारी किया। इससे पदयात्री मानकर वापस हुए। चर्चा में पीड़ित किसान बिसहत राम साहू, विजय यादव, पंचूराम साहू, त्रिलोचन यादव, नंदलाल तारक, रामकुमार, साहू, उमा बाई साहू, दूमेश्वरी साहू, खिलेश्वर साहू, लीलाबाई यादव, युवराज तारक के साथ साथ अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के उपाध्यक्ष मदन लाल साहू, सचिव तेजराम विद्रोही, अभनपुर थाना प्रभारी बोधन साहू, माना थाना प्रभारी रावते, गोबरा नवापारा के सहायक निरीक्षक श्रवण मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। पदयात्रा में महिला, पुरुष किसानों के साथ युवा बच्चे पूरे परिवार सम्मिलित रहे।

गौरतलब है कि अभनपुर विकासखंड के सोनेसिल्ली गाँव के 23 किसान अपने परिवार सहित आज सुबह 5 बजे से रायपुर तक पदयात्रा के लिए निकले थे . ये सभी रायपुर कलेक्टर से मिलकर प्रशासन द्वारा उनसे अतिक्रमणमुक्त कराई गई अपनी जमीन वापिस पाने की मांग करने जा रहे थे . किसान अपने परिवार के बुजुर्गों और छोटे-छोटे बच्चों को भी अपने साथ लेकर निकले थे . लगभग 9 घंटे की पदयात्रा के बाद जब ये 30 किलोमीटर दूर माना पहुंचे तो वहां अभनपुर एसडीएम निर्भय साहू के नेतृत्व में अभनपुर व गोबरा नवापारा थाना की संयुक्त पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया . एसडीएम साहू पदयात्रियों को उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन देते हुए वापिस लौट जाने की बात कहते रहे, लेकिन पदयात्री लिखित आश्वासन के बिना नहीं मानने की बात पर अड़े हुए थे . आखिरकार लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद एसडीएम साहू ने इन पदयात्रियों को लिखित में आश्वासन दिया कि आगामी आदेश तक सोनेसिल्ली पंचायत द्वारा पदयात्री किसानों की जमीन पर किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेंगे, जिसके बाद पदयात्री माने और एसडीएम साहू के प्रति आभार व्यक्त किया . इसके बाद पुलिस द्वारा सभी पदयात्रियों को रायपुर-राजिम सवारी बस में सवार कर सोनेसिल्ली के लिए रवाना किया .
बताना जरूरी है कि सोनेसिल्ली के रहने वाले इन पदयात्री किसानों को लगभग 50 वर्ष पूर्व शासन द्वारा ग्राम की शासकीय बंजर को काश्तकारी हेतु दिया गया था . इन किसानों द्वारा तभी से बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर खेती कार्य किया जा रहा था . लेकिन लगभग डेढ़ महीने पूर्व ग्राम पंचायत की मांग पर प्रशासन द्वारा इनकी जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कर अधिग्रहण करते हुए आरक्षित भूमि का बोर्ड लगा दिया गया था . इससे इन भूमिहीन किसानों के समक्ष भरणपोषण की समस्या उत्पन्न हो गई थी . प्रशासन और शासन के नुमाइंदों के समक्ष गुहार लगाने के बाद भी जब इनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इन लोगों ने प्रशासन द्वारा अतिक्रमणमुक्त कर अधिग्रहित की गई अपनी जमीन पर धान की बोआई कर दी गई, लेकिन पंचायत द्वारा उनके द्वारा बोआई की गई जमीन पर मनरेगा के तहत पौधारोपण कर दिया गया . पंचायत के इस रवैये से नाराज इन किसानों ने सत्याग्रह का रास्ता अपनाते हुए रायपुर तक पदयात्रा कर कलेक्टर से गुहार लगाने का निर्णय लिया था .

*रामकृष्ण ध्रुव की रिपोर्ट*